स्वच्छता : एक स्वस्थ और सुंदर जीवन की कुंजी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परवैणी में कार्यक्रम का आयोजन

 स्वच्छता: एक स्वस्थ और सुंदर जीवन की कुंजी 

आज, दिनांक 16 दिसंबर, 2025 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, परवैणी (GSSS PARVAINI) में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, विद्यालय परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कार्यवाहक प्रधानाचार्य श्री हरकेश जी मीना, समस्त स्टाफ और ऊर्जावान विद्यार्थियों ने मिलकर स्वच्छता अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। 


स्टाफ साथी एवं  विद्यार्थियों के सहयोग से विद्यालय में              सफाई कार्यक्रम का आयोजन

 हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है – स्वच्छता। महात्मा गांधी जी ने ठीक ही कहा था, "स्वच्छता ही सेवा है"। स्वच्छता न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ रखती है, बल्कि हमारे मन को शांत और समाज को मजबूत बनाती है। लेकिन अफसोस, आज भी कई जगहों पर गंदगी का बोलबाला है, जो बीमारियों को न्योता देता है। 


कार्यवाहक प्रधानाचार्य श्री हरकेश मीना द्वारा विद्यालय में साफ सफाई करने की गतिविधि में भाग लिया , तथा उन्होंने स्वच्छता के बारे में निम्न बिंदुओं पर चर्चा की 👇

स्वच्छता क्या है?स्वच्छता का मतलब सिर्फ घर या शरीर की सफाई नहीं, बल्कि आस-पास के वातावरण, सड़कों, नदियों और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखना है। यह व्यक्तिगत, सामाजिक और पर्यावरणीय स्तर पर जरूरी है। रोजाना नहाना, हाथ धोना, कचरा सही जगह फेंकना – ये छोटी-छोटी आदतें ही स्वच्छता की नींव हैं।स्वच्छता का महत्व
  • स्वास्थ्य के लिए: गंदगी से मच्छर, मक्खियां और बैक्टीरिया पनपते हैं, जो डेंगू, मलेरिया, हैजा जैसी बीमारियां फैलाते हैं। स्वच्छता अपनाकर हम इनसे बच सकते हैं।
  • मानसिक शांति: साफ-सुथरा वातावरण मन को खुश और ऊर्जावान बनाता है। गंदगी तनाव और निराशा बढ़ाती है।
  • पर्यावरण संरक्षण: कचरा नदियों और जमीन में फेंकने से प्रदूषण बढ़ता है। स्वच्छता से हम धरती को हरा-भरा रख सकते हैं।
  • समाजिक विकास: एक स्वच्छ समाज अधिक उत्पादक और समृद्ध होता है।
स्वच्छ भारत अभियान: गांधी जी का सपना साकार2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) को स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को खुले में शौच मुक्त बनाना और ठोस कचरा प्रबंधन करना था। इस अभियान से लाखों शौचालय बने, गांवों को ODF (ओपन डेफिकेशन फ्री) घोषित किया गया और लोगों में जागरूकता आई। आज भी यह अभियान चल रहा है, और हमें इसमें सक्रिय योगदान देना चाहिए।हम क्या कर सकते हैं?
  1. घर से शुरू करें: रोज सफाई करें, कचरा अलग-अलग डिब्बों में डालें (गीला-सूखा)।
  2. प्लास्टिक का उपयोग कम करें और रिसाइकल करें।
  3. सार्वजनिक जगहों पर कचरा न फेंकें।
  4. दूसरों को प्रेरित करें – स्कूलों, मोहल्लों में सफाई अभियान चलाएं।
  5. हाथ धोने की आदत डालें, खासकर खाना खाने से पहले।
याद रखें, स्वच्छता कोई बोझ नहीं, बल्कि एक अच्छी आदत है। अगर हर व्यक्ति अपना छोटा सा योगदान दे, तो हमारा भारत सच में "स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत" बन जाएगा। अंत में प्रधानाचार्य जी ने समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया
Created by - RINKU SAINI(BCI)

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